उमियाधाम, 8 मार्च। कला सिर्फ सजावट के लिए नहीं, बल्कि एक संदेश भी देती है – "इको-फ्रेंडली और हैंडमेड चीजों को अपनाओ"। जूट पाउच प्लास्टिक के विकल्प के रूप में भी लोकप्रिय हो रहे हैं, और इस पर हाथ से बनी पेंटिंग उन्हें और भी खास बना देती है।
उक्त विचार श्री उमिया कन्या महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक दिवसीय हैंड पेंटेड जुट पाउच वर्कशॉप में फ्रीलांस आर्टिस्ट और विशेषज्ञ श्रीमती राखी गुप्ता ने व्यक्त किए।
वर्कशॉप में 30 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला का संचालन सहायक प्राध्यापक शिवानी चौहान ने किया। आभार महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अनुपमा छाजेड़ एवं उप-प्राचार्या डॉ. सरिता शर्मा ने माना।