अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में राष्ट्रीय वेबीनार आयोजित
जुडने वाले छात्राओं, पालकों एवं शिक्षकों की संख्या 500 पार
आज महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रही हैं- चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, राजनीति हो या फिर खेल। 21वीं सदी से पूर्व महिलाओं का सबसे अधिक शोषण पुरुषों ने किया है। पुरुष प्रधान समाज होने के कारण महिला को कमजोर अथवा अशक्त समझा जाता था। 'मर्द को दर्द नहीं होता' की उक्ति देने वाले इस समाज को आज मृत्यु के आंकड़ों पर नजर डालनी चाहिए। हार्ट अटैक बीमारी से मरने वाले लोगों में 65 प्रतिशत संख्या पुरुषों की तथा शेष महिला एवं बच्चों की है।
उक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री उमिया कन्या महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 की संकल्पना में स्त्री सशक्तिकरण विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में महामा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की स्त्री अध्ययन विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुप्रिया पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।
महिलाएं अत्यधिक इमोशनल, इसीलिए सायबर क्राइम सबसे ज्यादा हो रहा महिलाओं के साथ
वेबीनार के दूसरे चरण में रिजर्व इंदौर मध्य प्रदेश पुलिसिंग संगठन की सचिव सुश्री आरती मौर्य ने छात्राओं को मोबाइल का उपयोग अत्यंत सावधानी से करने की समझाइश दी। उन्होंने सायबर क्राइम के मामलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं पर यह अटैक बड़ी आसानी से हो रहा है क्योंकि वो बहुत ज्यादा इमोशनल होती है। काल करने वाले अपराधी महिलाओं को आसानी से अपने झांसे में फंसा लेते है।
सुश्री मौर्य ने कहा कि आपको रील की दुनिया से बाहर आकर रियल लाइफ को एक्सप्लोर करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यूट्यूब के चक्कर में भावी भारत की Eyes ट्यूब खराब हो रही है, इंस्टाग्राम के चक्कर में हमारा 50 ग्राम का दिमाग एक ग्राम बराबर काम भी नहीं कर पा रहा है और फ़ेसबुक के चक्कर में हमारे हाथ से पढ़ने-लिखने की बुक गायब हो गई है। आपको इन सब में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
वेबीनार का संचालन वाणिज्य संकाय प्रभारी डॉ. अस्मिता जैन तथा बी.एड. विभाग के सहायक प्राध्यापक नेहा कटारिया ने किया। अंत में आभार महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अनुपमा छाजेड़ ने माना।