श्री उमिया कन्या महाविद्यालय में 10 से 12 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय इको-फ्रेंडली गणपती मेकिंग वर्कशॉप का सफल समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक मिट्टी से गणेश प्रतिमाएँ बनाने का प्रशिक्षण देना तथा पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में प्रसिद्ध फेविक्रिल आर्टिस्ट श्रीमती राखी गुप्ता ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को माटी कला के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से मिट्टी को आकार देने, मूर्ति निर्माण की तकनीक तथा कलात्मक सज्जा के गुर सिखाए। कार्यशाला के दौरान महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक शिवानी चौहान ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनके कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीन दिनों तक चली इस रचनात्मक कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्राकृतिक मिट्टी से सुंदर एवं आकर्षक गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता, कलात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ऐसी प्रतिमाएँ तैयार कीं जो पूर्णतः पर्यावरण-अनुकूल हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शांति तेजवानी ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों के प्रति भी जागरूक बनाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि "प्रकृति की रक्षा ही सच्ची भक्ति है" तथा गणेशोत्सव जैसे सांस्कृतिक पर्वों को भी पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाया जा सकता है।


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