बटन, फैब्रिक, रेत, मिट्टी और सीपियों से तैयार की आकर्षक गणेश प्रतिमाएँ
छात्राओं ने बटन, ब्राउन पेपर, ग्लू, कार्डबोर्ड, थर्मोकोल, फैब्रिक, पीली मिट्टी, रेत, पत्थर, सीपियाँ, मल्टीकलर बिट्स, आटा एवं रंगों का उपयोग कर अनूठी और पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएँ तैयार कीं। प्रत्येक प्रतिमा में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, सौंदर्यबोध और हस्तकला कौशल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं में सृजनात्मक सोच, अपशिष्ट एवं वैकल्पिक सामग्रियों के रचनात्मक उपयोग, पर्यावरण जागरूकता तथा डिज़ाइन कौशल का विकास करना था। छात्राओं ने पारंपरिक कला और आधुनिक डिज़ाइन अवधारणाओं का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए बप्पा के विभिन्न स्वरूपों को कलात्मक रूप से साकार किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शांति तेजवानी ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं तथा उन्हें नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करती हैं।
फैशन डिजाइनिंग विभाग की सहायक प्राध्यापक रुखमणी काकोडिया और सहायक प्राध्यापक पिंकी पाटीदार के निर्देशन में छात्राओं द्वारा तैयार की गई इन कलाकृतियों ने यह संदेश दिया कि रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती और साधारण सामग्री भी कला का अद्भुत स्वरूप धारण कर सकती है।
अन्य छायाचित्र:
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