श्री उमिया कन्या महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शांति तेजवानी एवं समस्त विभागाध्यक्षों द्वारा माँ सरस्वती के पूजन एवं वंदन के साथ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भाषणों के माध्यम से अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता के भाव व्यक्त किए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व तथा उनके मार्गदर्शन से जीवन में प्राप्त होने वाली सफलता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय की NCC अधिकारी कैप्टन नम्रता सावंत ने प्रेरक प्रसंगों एवं कहानियों के माध्यम से गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और जीवन के सही मार्ग का भी मार्गदर्शन करते हैं।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. शांति तेजवानी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि "गुरु जीवन के ऐसे प्रकाश स्तंभ हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मूल्यों के माध्यम से व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।" उन्होंने छात्राओं से गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं निरंतर अध्ययन को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन वाणिज्य संकाय प्रमुख डॉ. अस्मिता जैन ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।





