कार्यक्रम में समाजसेवी मंजीत संधू गर्ग जी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायी व्याख्यान में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्राप्त विभिन्न अधिकारों (Entitlements) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि अपने अधिकारों की जानकारी होना ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है तथा प्रत्येक युवती को अपने संवैधानिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने Women Empowerment के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, आत्मनिर्भरता, आर्थिक स्वतंत्रता, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व, समान अवसर तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवतियाँ केवल अपने अधिकारों को जानने वाली नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली शक्ति हैं।
व्याख्यान के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों, मोबाइल ऐप्स एवं डिजिटल सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही साइबर अपराध, आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने, अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
मंजीत संधू गर्ग जी ने छात्राओं से कहा कि सशक्त महिला केवल स्वयं अपने अधिकारों के लिए खड़ी नहीं होती, बल्कि वह अपने आसपास की अन्य महिलाओं और बालिकाओं को भी जागरूक एवं सक्षम बनाती है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य महिलाओं की समान भागीदारी और सशक्तिकरण के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। देश की युवा बेटियाँ शिक्षा, नेतृत्व, सामाजिक सेवा, विज्ञान, प्रशासन, उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकती हैं।
कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राओं एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की और महिला अधिकार एवं सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शांति तेजवानी जी द्वारा मुख्य वक्ता मंजीत संधू गर्ग जी का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं मार्गदर्शन में एनसीसी विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की एनसीसी अधिकारी कैप्टन नम्रता सावंत ने सभी अतिथियों, वक्ता एवं उपस्थित छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
‘नई रोशनी’ कार्यक्रम ने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने की प्रेरणा दी।

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